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तनाव से लड़ने के 6 तरीके

तनाव से लड़ने के 6 तरीके

तनाव से हर कोई दूर रहना चाहता है, लेकिन फिर भी यह हमारी ज़िन्दगी में कहीं ना कहीं से जगह बना ही लेता है | एक बहुत ही आम इंसान हो या फिर फेसबुक के मालिक मार्क, तनाव से कोई नहीं बच पाया है और इसी की वजह से होती हैं दिल की बीमारियाँ, सर दर्द, घबराहट और शायद मृत्यु भी संभव है | ऐसे में हम सभी को ज़रूरत है कि हम खुदको तनाव से दूर रखने की कोशिश करते रहें |

तनाव से राहत पाना कोई एक दिन का काम नहीं है, जाहिर है की इसमें समय लगेगा | लेकिन अगर आप चाहें तो यह काम जल्दी भी हो सकता है | चलिए आपको बताते हैं तनाव को दूर भगाने के 6 तरीके :

ध्यान को केंद्रित करना सीखिए :
जब हमारा ध्यान और मन बहुत सारी जगह लगा हुआ होगा, तो ऐसे में कोई भी काम ठीक तरह से कर पाना मुश्किल है | सबसे आसान तरीका है कि एक बार में आप सिर्फ एक ही काम करें और उसके पूरा हो जाने के बाद ही दूसरा काम शुरू करें |
ऐसा करने से आपके काम भी ठीक प्रकार से और समय पर पूरे होंगे, और तो और आप तनाव से खुद को दूर भी रख पाएगें | क्यों कि बीच में छोड़े गए किसी भी अधूरे काम की चिंता नहीं रहेगी |

सुझाव ! अपने दिनभर के काम की लिस्ट बनाइए और जो सबसे ज़रूरी है उससे शुरू करते हुए आगे बढ़िए | पर ध्यान रखें कि कोई काम अधूरा ना छोड़ें |

स्वस्थ और तंदरुस्त रहिए :
जब लगे की तनाव का दवाब बढ़ रहा है तो सबसे बेहतर है व्यायाम या वर्कआउट करना | किसी भी पार्क या जिम में जाकर 20 मिनट का व्यायाम या वर्कआउट काफी है |
किसी भी प्रकार के व्यायाम करने से हमारे शरीर से एंडोर्फिन निकलते हैं, जो हमारे शरीर से तनाव बाहर निकालने का काम करते हैं |

सुझाव ! जब लगे की तनाव का स्तर बढ़ रहा है तो तुरंत उठिए और बाहर खुली हवा में जाकर एक चक्कर लगाने निकल चलिए | आप चाहें तो कुछ अच्छे गाने भी गुनगुना सकते हैं, ताकि तनाव भरे काम से ध्यान हटा पाएं |

अपनी आमदनी और खर्चों में नियंत्रण रखें :
ज़्यादतर लोगों के तनाव का कारण आर्थिक वजह है | पैसों की परेशानी किसी भी इंसान के जीवन में तनाव को आमंत्रित कर सकती है | लोन, ईएमआई, रेंट आदि खर्चों के चलते लोग परेशान रहते हैं | इसी दौरान खाना ना खाना, ज़्यादा सोचना, काम से ध्यान हटाना, नींद ना आना आदि जैसी आदतें ज़िन्दगी का हिस्सा बन जाती हैं | इन्हीं के कारण तनाव अपनी जड़ें मज़बूत करता जाता है |

सुझाव ! अपनी आमदनी के हिसाब से अपने ख़र्चों का ध्यान रखें | “चीज़ों की चाहत और उनकी ज़रूरत” में फर्क समझें |

अच्छी नीदं है ज़रूरी :
अक्सर तनाव के साथ नींद में कमी आना आम बात है | ऐसा इसलिए होता है क्यों कि अगर हमारा दिमाग परेशान है तो नींद का आना मुश्किल है | दिन के दौरान खुद को इतना व्यस्त रखें कि शाम को घर जाते जाते शरीर इतना थक जाए कि सोते समय किसी ख्याल की गुंजाइश ही ना बचे और आप एक अच्छी और गहरी नींद का आनंद उठा सकें |

सुझाव ! रोज़ाना कम से कम 6 घंटों की नींद ज़रूर लें और ज़रूरत पड़े तो दिन में 20 मिनट की एक छोटी से नींद भी ले ही लीजिए |

तनाव का कारण जानने की कोशिश करें :
तनाव किसी भी कारण से हो, लेकिन उसका असर धीरे धीरे आपके जीवन के हर पहलू में नज़र आने लगेगा | पर यदि अगर आपको अपने तनाव का कारण पता होगा तो शायद आप उस पर बेहतर तरीके से काम कर पाएं| कहने का मतलब यह है कि जब हमें हमारी कमियों का कारण पता होता है तब हम खुदको बेहतर तरीके से सुधार पाते हैं | ठीक इसी तरह तनाव का कारण पता करना ज़रूरी है ताकि आप सही समय पर तनाव को अपनी ज़िन्दगी से दूर भगा पाएं |

सुझाव ! अपने कामों की एक लिस्ट बनाइए और उनमें सबसे ज़्यादा ज़रूरी कामों को पहले खत्म कर लीजिए, ताकि किसी ज़रूरी काम के ना कर पाने की वजह से आपको तनाव से गुज़ारना ना पड़े |

अपनी सीमाओं को जानें :
लगन और मेहनत हर काम में ज़रूरी है, खुद को हर काम के लिए तैयार रखना भी ज़रूरी है | लेकिन फिर भी हर इंसान को यह पता होना बहुत ज़रूरी है की उसकी सीमा क्या है |
यदि आप अपनी सीमा के अनुसार ज़िम्मेदारियाँ उठाएगें तो सफलता का मिलना पक्का है | लेकिन अपनी सीमा से बहुत अधिक बोझ उठाना समझदारी नहीं बल्कि तनाव को बुलावा देना है, ऐसा नहीं है कि आप सफल नहीं होंगे, कहने का मतलब यह है कि अपनी योग्यता के अनुसार से काम करेंगे तो तनाव का जीवन में आना जाना कम होगा |

सुझाव ! अपनी योग्यता के हिसाब से ज़िम्मेदारी लें | ऐसा करने से आप के काम भी तेज़ी से होंगें और आप खुश भी रहेंगे |

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