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डिप्रेशन ( अवसाद ) के बारे में सब कुछ जानें

डिप्रेशन ( अवसाद ) के बारे में सब कुछ जानें

अवसाद आसान शब्दों में “गतिविधियों को महसूस करने , सोचने और दैनिक गतिविधियों को संभालने के तरीके में नकारात्मक मोड़ के रूप में वर्णित किया जा सकता है” ; भारत में हर साल 10 लाख अवसाद के मामले सामने आते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों को यह कहकर अनदेखा कर दिया जाता है कि ये समय के साथ जायेगा | लेकिन एक बार अवसाद ग्रस्त हो जाने पर आपका जीवन जीवित नर्क बन जाता है और इससे बचने का पहला कदम “इलाज़” है |

प्रमुख अवसाद : इसे सामान्य अवसाद के रूप में भी जाना जाता है , यह एक मानसिक विकार है जो कम से कम दो हफ्तों तक आपके मूड पर असर डालता है

इसके प्रमुख लक्षण हैं :-

  • आत्मसम्मान की कमी
  • अप्रत्याशित दर्द
  • इच्छा ना होना
  • थकान
  • अनिश्चितता
  • बेचैनी
  • मौत के बारे में विचार आना
  • अनिद्रा
  • अचानक वजन घटना या बढ़ना

लगातार अवसाद : यह अवसाद लगातार बना रहता है , यह पुराना ( चल रहा) अवसाद है जोकि व्यक्ति को मूड को लगातार बदलता रहता है

इसके प्रमुख लक्षण हैं :-

  • निराशा
  • मेलान्कोहॉलिक मूड
  • थकान
  • अधिक या कम भूख
  • कमजोर एकाग्रता
  • अनिद्रा
  • निराशावादी दृष्टिकोण

बायपोलर डिसऑर्डर : बायपोलर डिसऑर्डर ऐसी मानसिक स्थिति है जो इलेशन और अवसाद की वैकल्पिक अवधि के द्वारा चिन्हित किया जाता है

इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं :

  • ऊर्जा में नाटकीय वृद्धि
  • दैनिक गतिविधियों में रूचि या ख़ुशी का नुकसान
  • प्रभावशाली व्यवहार
  • खुद को नुकसान
  • भ्रमित विचार
  • ध्यान की कमी
  • मैनिक एपिसोड

मौसमी विकार : इस विकार में , अवसाद विशिष्ट मौसमों से जुड़ा होता है और प्रकाश की कमी के कारण होता है

इसके प्रमुख लक्षण हैं :

  • गुस्सा और चिंता
  • निराशा
  • अकेलापन
  • बार-बार एक ही विचार आना
  • वजन और भूख में तेज़ी से बदलाव
  • डिप्रेशन
  • मूड में बदलाव
  • रुलाई आना

मनोवैज्ञानिक अवसाद : मनोवैज्ञानिक अवसाद , प्रमुख अवसाद की शाखा है ; इसमें अवसाद और मनोविज्ञान शामिल है , इसमें वास्तविकता से कोई नाता नहीं रहता जैसे कि उन चीज़ों को देखना सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं है

इसके प्रमुख लक्षण हैं :

  • उद्वेलित होना
  • बौद्धिक हानि
  • रोगभ्रम
  • शारीरिक अस्थिरता
  • कब्ज़
  • मानसिक उन्माद

पेरिपार्टम (पोस्टपार्टम) अवसाद : यह अवसाद मुख्यतः महिलाओं में होता है जो कि डिलीवरी के बाद या एक साल बाद हो सकता है

**इसके प्रमुख लक्षण हैं **:-

  • असंतोष
  • निराशा
  • पैनिक अटैक
  • बुरे सपने
  • अनिद्रा
  • सामाजिक अलगाव
  • विचारों का विकार
  • डिप्रेशन
  • दोहरा विचार

प्रीमेस्ट्रल डिस्फोरिक डिसऑर्डर :- पीएमडीडी माहवारी पूर्व होने वाला सिंड्रोम है जो 3-8% महिलाओं के ऊपर असर करता है , इसमें प्रभावी और व्यवहारिक और सोमेटिक लक्षणों का समूह होता है जो मासिक धर्म चक्र के ल्यूटल चरण के दौरान मासिक पुनरावृत्ति करता है

**इसके प्रमुख लक्षण हैं **:

  • मूड में बदलाव
  • गुस्सा
  • स्तन में कठोरता
  • चिंता
  • ध्यान की कमी
  • बेवजह उलझना
  • ऐंठन और सूजन
  • सिरदर्द
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

स्थिति संबंधी अवसाद : यह अवसाद , अवसाद का अल्पकालिक रूप है जो तलाक , सेवानिवृत्ति , नौकरी की हानि , रिश्तेदार या करीबी दोस्त की मृत्यु सहित आपके जीवन में विभिन्न दर्दनाक परिवर्तनों के बाद हो सकता है

इसके प्रमुख लक्षण हैं :

यह केवल स्थिति के ऊपर निर्भर करता है

अटीपिकल अवसाद : यह अवसाद , डीएसएम-4 के ज्ञात अवसादों में से एक है , यह मनोवैज्ञानिक सिंड्रोम के प्रमुख लक्षणों को साझा करता है जो प्रमुख अवसाद या डाइस्टीमिया है

**इसके प्रमुख लक्षण हैं **

  • उदासी
  • दैनिक ऊर्जा में नुकसान
  • शारीरिक बेचैनी
  • वजन में तेज़ी से बदलाव
  • ध्यान में कमी
  • निर्णय लेने के कौशल में कमी
  • मौन या आत्महत्या के विचार
  • अनिद्रा या अत्याधिक नींद

अगर आप ऊपर के किसी भी लक्षणों से पीड़ित है तो जल्द ही किसी विशेषज्ञ से सम्पर्क करें